खगड़िया : चाहे भूत पूर्व ग्राम प्रधान हो या वर्तमान, उनके खराब कार्यशैली का दंश झेल रहे हैं बेला सिमरी के उत्तरी छोड़ पर बसे तमाम ग्रामवासी। ग्राम पंचायत राज बेला सिमरी में एक सड़क ऐसा भी है जो बरसात आते हीं नरक में तबदील हो जाता है।
जी हाँ, मैं बात कर रहा हूँ खगड़िया जिला के सदर प्रखण्ड अन्तर्गत बेला सिमरी ग्राम पंचायत के बेला सिमरी से गंज जाने वाले मुख्य मार्ग की। यह सड़क बेला सिमरी से रानी सकरपुरा जाने व बेला जंग और अजान्तीस्थान के लोगों का बेला चौक तक आने का मुख्य मार्ग है, यह सड़क आज से लगभग 5 या 6 वर्ष पहले भूतपूर्व मुखिया श्रीमती पुष्पा देवी के कार्यकाल में बना था, तब से आज तक यह सड़क बदहाल हीं है। कुछ लोगों को यह खबर थोड़ा सा तकलीफ जरूर देगा किन्तु, अगर मेरे शब्दों में एक बात भी झूठी या निर्रथक है, तो निश्चित हीं मैं समाजिक स्तर पर आलोचना का पात्र बननें को तैयार हूँ।
इस मुख्य सड़क पर बरसात में घुटना भर पानी लग जाता है। महिलाएं सारी उठाकर और नौजबन जूता, चप्पल खोलकर जाने को विवश हैं। वर्तमान मुखिया माननीय सुनील कुमार सिंह को यह समस्या बड़ी नही लगती और गाँव वालों को इससे कोई मतलब नही। कहने को बहुत कुछ है पर नही कहता, लोग बुरा मान जाते हैं, लेकिन मैं इतना जरूर कहूँगा की मेरी किसी से कोई निजी दुश्मनी नही है। मैं बस इतना चाहता हूँ कि हमारे समाज में सुधार की जो भी सम्भावनाएँ हैं, उन सम्भावनाओं को तलाशे जाएं और उसे पूरा किये जायें।
मेरा घर नजदीक होने के कारण सिर्फ महिलाओं के द्वारा सड़क से गुजड़ते समय जनप्रतिनिधियों को गाली देते सुनता हूँ, पर यह गुस्सा क्षणिक होता है। लेकिन यह क्षणिक गुस्सा भी किसी पुरुष में आजतक इन 5 वर्षों में नही देखा।
इसका अर्थ यही है कि जो नासमझ ;…. माफ कीजियेगा नासमझ कहना गलत होगा, जो मासूम लोग या सीधे लोग होते हैं चाहे वह महिला हों या पुरुष, इस सड़क से गुजड़ते समय जनप्रतिनिधियों को गाली देते है, लेकिन जो लोग समझदार या ज्यादा समझदार हैं, वे चुपचाप अपना रास्ता बदल चुके हैं। क्योंकि उन्हें मालूम है, बोलने से कुछ बदलने वाला नही, तो क्यों न रास्ता हीं बदल लिया जाय। अब आप विचार कीजिये कि उनका सोचना सही है या गलत?
अब सवाल उठता है कि दोषी कौन है? या इसके पीछे कौन लोग जिम्मेदार हैं?
जबाब आसान है, इसके लिए सबसे पहले हमारी व्यवस्था जिम्मेदार हैं, उसके बाद हम, और सबसे अंतिम में हैं हमारे जनप्रतिनिधि।
व्यवस्था, इसलिए कि बिना नाला या बहाव के सड़क की ऐसी दुर्दशा अवश्यम्भावी है। हमलोग जिम्मेदार इसलिए हैं कि हम आबाज नही उठाते, या जब सड़क बन रही थी तो, मौन थे। उसके बाद हमारे प्रतिनिधि जिम्मेदार इसलिए हैं क्योंकि, उनके द्वारा अपने क्षणिक लाभ के लिए बेला सिमरी के हजारों लोगों को नरक जैसी व्यवस्था उपहार स्वरूप भेंट कर दिया।
अब हमारे समाज और तमाम बेला सिमरी वासियों के लिए यह सड़क एक अभिशाप जैसा है, अब देखना यह है मुखिया का कौन सा अवतार और किस युग में, हमारे समाज को इस अभिशाप से मुक्ति दिलाता है।
खगड़िया लाइव न्यूज़
सुमन सरकार
