लेकिन मौजूद पुलिस सतर्क नहीं हुई. आक्रोशित लोगों ने आरोपी के घर में तोड़-फोड़ व आगजनी शुरू कर दी. यह संयोग की बात है कि शनिवार की रात गोलीबारी की घटना को अंजाम देकर परिवार सहित फरार हो गया था, अन्यथा और बड़ी घटना घट सकती थी।
बताया जाता है कि आरोपी के घर में आगजनी की घटना के बाद पुलिस ने अपना कमान संभाला. लेकिन पुलिस की संख्या कम होने के कारण ग्रामीणों के उग्र रूप के सामने उसे पीछे हटना पड़ा. ग्रामीणों ने रोड़ेबाजी कर खदेड़ दिया।
बाद में कई थाने से पुलिस बुलानी पड़ी. इसके बाद पुलिस ने जमकर लाठीचार्ज किया. प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 4 राउंड हवाई फायरिंग की. हालांकि पुलिस फायरिंग से इंकार कर रही. बहरहाल डरहा गांव पुलिस छावनी में तब्दील है. पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है तो गांव में अभी भी तनाव बनी हुई है।
गांव में बच्चों के बीच मामूली विवाद से शुरू हुए झगड़े ने ऐसा रूप ले लिया कि डरहा गांव जंग का मैदान बन गया. इस झगड़े में हुई गोलीबारी में शनिवार रात महादलित वर्ग के योगेन्द्र सदा की गोली लगने से मौत हो गई. गोली मारने का आरोप कुख्यात हरिनारायण महतो पर है. इससे पहले भी वह कई हत्या काण्ड में शामिल रहा है।
उग्र भीड़ ने हरिनारायण महतों के घर को रविवार दोपहर में घेर लिया और तोड़फोड़ और आगजनी भी शुरू कर दी. उसी वक्त पोस्टमॉर्टम के बाद रविवार दोपहर बाद जैसे ही शव डरहा गांव पहुंचा और शव को परिजनों को सौंपा गया वैसे ही आक्रोशित लोगों ने शव को बखरी-खगड़िया मुख्य मार्ग पर रखकर सड़क जाम कर दिया और प्रर्दशन करने लगे।
प्रर्दशनकारियों को सड़क से हटाने की तमाम कोशिशें जब विफल हो गई तो करीब पांच थाने की पुलिस ने मोर्चा संभाला और सड़क जाम कर रहे लोगों को बलपूर्वक हटाने की कोशिश करने लगे. इसी बीच भीड़ ने पुलिस पर पथराव करना शुरू कर दिया. फिर क्या था, दोनों तरफ से पथराव शुरू हो गया।
पथराव में दोनों ओर से दर्जन भर लोगों के घायल होने के बाद हालत हाथ से निकलते देख भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने करीब चार राउंड फायरिंग की है. इसके बाद भगदड़ मच गई और सड़क जाम खुलवाया गया।
पुलिस ने शव को परिजनों से उठवाकर अंतिम संस्कार करवाने भेज दिया. इसके कुछ देर बाद पुलिस ने पूरे गांव को चारों तरफ से घेर लिया और घरों से महिलाओं को खींच-खींच कर जमकर पिटाई शुरू कर दी. इस घटना में बड़ी संख्या में मजदूर महादलित समुदाय की महिलाएं घायल हुई हैं।
खबर लिखे जाने तक करीब तीन दर्जन पुरुष व महिलाओं को पुलिस ने हिरासत में लिया है. फिलहाल डरहा गांव में स्थिति नियंत्रण में मगर तनावपूर्ण है. हत्या आरोपी हरिनारायण महतो परिवार समेत फरार हो गया है. इस पूरे प्रकरण पर एसडीपीओ ओमप्रकाश ने हवाई फायरिंग की घटना से इंकार करते हुए हंगामा में शामिल दस लोगों के हिरासत में लिए जाने की बात बताई है
