खगड़िया : बेला सिमरी उच्च विद्यालय के रख-रखाव की स्थिति पहले से हीं दयनीय है अब विद्यालय के मुख्य द्वार पर शैचालय का निर्माण निश्चित रूप से ग्राम पंचायत राज बेला सिमरी के ग्राम प्रधान और खगड़िया सदर प्रखण्ड के प्रखण्ड विकास पदाधिकारी कि बुद्धिमता पर सवाल खड़े करते हैं।
विद्यालय के मुख्य द्वार पर सार्वजनिक शौचालय का निर्माण विद्यालय की सुन्दरता सहित अन्य किसी भी दृष्टिकोण से सही नही है। जब बिहार दैनिक टीम ने इस मामले में बेला सिमरी उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्री हरेराम तिवारी से बात किया तो उन्होंने बताया कि विद्यालय परिसर में शौचालय निर्माण की न तो मुझे किसी के द्वारा जानकारी दी गयी न ही इस शौचालय निर्माण में मेरी सहमिति हीं ली गयी है।
प्रधानाध्यापक ने आगे कहा की आज 9 सितम्बर 2020 की संघ्या के 6 बजे ग्रामीणों के द्वारा विद्यालय परिसर में जबरन शौचालय निर्माण की सूचना मुझे दूरभाष के माध्यम प्राप्त हुई, आज मैं विद्यालय के काम से बाहर गया था और विद्यालय का प्रभार वरीय शिक्षक त्रिपुरारी चौधरी के ऊपर था।
जब मैंने वरीय शिक्षक त्रिपुरारी चौधरी से इस मामले में पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि विद्यालय बन्द होने के बाद जब मैं विद्यालय से निकल रहा था तो बेला सिमरी के प्रधान और खगड़िया सदर प्रखंड के प्रखण्ड विकास पदाधिकारी विद्यालय के मुख्य द्वारा पर शौचालय निर्माण का नक्शा बनाकर स्थान चिन्हित कर रहे थे, तो मैंने कहा कि, शौचायल यहाँ बनाना सही नही है, इस पर खगड़िया सदर प्रखंड के प्रखण्ड विकास पदाधिकारी अपनी चार पहिया वाहन में बैठते यह कहकर निकल गए कि शौचालय यहीं बनाया जाएगा।
बेला सिमरी उच्च विद्यालय के मुख्य द्वार पर सार्वजनिक शौचालय के निर्माण कार्य का बेला सिमरी के मिथिलेश केशरी, पुरेन्द्र कुमार, रजनीश कुमार व वहां उपस्थित करीब दस की संख्या में अन्य ग्रामीणों ने विरोध जताया और कहा कि यह निर्माण कार्य किसी भी दृष्टिकोण से सही नही है। शौचालय का निर्माण कराना हीं है तो मुख्य द्वार को छोड़ किसी अन्य जगह पर करवाना चाहिए। वहीं विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्री हरेराम तिवारी ने बताया कि उक्त मामले की जानकारी शिक्षा विभाग के सम्बन्धित पदाधिकारियों को भी दी गयी है।
